धन को घर में रोकने के वास्तु उपाय, धनलाभ के लिए वास्तु टिप्स

धन को घर में रोकने के वास्तु उपाय, धनलाभ के लिए वास्तु टिप्स

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हर कोई मेहनत करता है, लेकिन बहुत बार ऐसा होता है कि पैसा हाथ में आते ही खर्च हो जाता है। घर में सब कुछ ठीक चलता हुआ लगता है, फिर भी महीने के अंत में जेब खाली रह जाती है। यह स्थिति सिर्फ खर्चों या आय की कमी से नहीं होती। कई बार इसका संबंध घर की दिशाओं, वस्तुओं के स्थान और वहाँ की ऊर्जा से होता है। वास्तुशास्त्र कहता है कि अगर घर का संतुलन बिगड़ जाए, तो मेहनत का फल देर से मिलता है या पैसा टिक नहीं पाता। तो आइये जानते हैं इन परेशानियों से निकलने के 9 आसान अनुभवी उपाय:

1. सुबह की पहली धूप घर के उत्तर हिस्से में लाएं

घर का उत्तर भाग कुबेर की दिशा मानी जाती है। यह दिशा धन और अवसरों से जुड़ी होती है। यदि यह हिस्सा अंधेरा या अव्यवस्थित रहेगा तो धन का प्रवाह धीरे-धीरे रुक जाता है। कोशिश करें कि सुबह की पहली किरणें घर के उत्तर हिस्से में पड़ें। इसके लिए वहां की खिड़कियाँ खोल दें और पर्दे हटा दें। सूर्य की रोशनी वहां प्रवेश करेगी तो सकारात्मक ऊर्जा भी अंदर आएगी। कोई दीपक या पूजा करने से अधिक प्रभावी होता है प्राकृतिक प्रकाश।

2. तिजोरी का मुंह हमेशा उत्तर की ओर होना चाहिए

जिस तिजोरी या अलमारी में आप नकदी या कीमती सामान रखते हैं, उसकी दिशा धन प्रवाह पर गहरा असर डालती है। वास्तु के अनुसार, तिजोरी की पीठ दक्षिण दिशा की दीवार से सटी होनी चाहिए और उसका दरवाजा उत्तर की ओर खुलना चाहिए। इस स्थिति में धन स्थायी रूप से बढ़ता है और खर्चों पर नियंत्रण रहता है। ध्यान रहे कि तिजोरी के ऊपर कबाड़, फाइलें या बेकार का सामान न रखें। धन का स्थान जितना हल्का और स्वच्छ होगा, उतना ही लाभदायक रहेगा।

3. पैसे से जुड़ी वस्तुएं बिखरी न हों

पैसे से संबंधित वस्तुएँ जैसे बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, टैक्स फाइलें या इनवॉइस अक्सर घर के अलग-अलग हिस्सों में बिखरी होती हैं। यह आर्थिक असंतुलन का संकेत माना जाता है। इन सभी वस्तुओं को एक निर्धारित स्थान पर व्यवस्थित रखें। आप इसे “धन क्षेत्र” कह सकते हैं। वह जगह साफ, शांत और व्यवस्थित होनी चाहिए। जब पैसा और उससे जुड़ी चीजें एक जगह संग्रहीत होती हैं, तो वह धन की ऊर्जा को स्थिर बनाती हैं और खर्चों पर नियंत्रण रखती हैं।

4. शुक्रवार को तुलसी के पास दीपक जलाएं

वास्तु में शुक्रवार को लक्ष्मी जी का दिन माना गया है। इस दिन एक बहुत ही सरल उपाय है जिसे कई लोगों ने प्रभावी पाया है। हर शुक्रवार शाम को घर की तुलसी के पास या रसोई में एक छोटा घी या तेल का दीपक जलाएं। यह उपाय न तो अंधविश्वास है और न ही पूजा का नियम, बल्कि यह एक मनोवैज्ञानिक संकेत है जो हमारे अवचेतन मन को सुरक्षा और स्थिरता का भाव देता है। इससे मन में धन के प्रति डर और असुरक्षा कम होती है।

5. घर के मुख्य द्वार को हमेशा साफ-सुथरा रखें

मुख्य द्वार धन और अवसरों के प्रवेश का प्रतीक है। यदि द्वार के पास जूते, बैग, पुराने अखबार या टूटी मैट्स पड़ी हों तो यह नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है। मुख्य द्वार के बाहर हल्दी या गेरुए से स्वस्तिक चिन्ह बनाएं और हर संध्या को वहाँ एक दीपक जलाएं। ऐसा करने से न सिर्फ घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है बल्कि घर में प्रवेश करने वाला हर व्यक्ति भी शुभ विचार लेकर आता है।

6. रसोई को स्वच्छ रखें, चूल्हा बंद करने से पहले एक चुटकी शक्कर रखें

रसोई घर का अग्नि केंद्र होता है और अग्नि ही धन का प्रतीक है। रात में अगर सिंक गंदा छोड़ दिया जाए या चूल्हा गंदा रह जाए तो यह आर्थिक ऊर्जा को कमजोर करता है। खाना बनाने के बाद चूल्हा साफ करें और उस पर हल्दी या शक्कर की एक चुटकी रखें। यह अग्नि और मधुरता का संतुलन बनाए रखता है और धन वृद्धि में सहायक होता है।

7. घर में पौधों से जीवन ऊर्जा बनाए रखें

घर में पौधे केवल सजावट नहीं बल्कि ऊर्जा के वाहक होते हैं। उत्तर दिशा में मनी प्लांट, पूर्व में तुलसी और दक्षिण में गेंदा या गुड़हल लगाना शुभ माना गया है। इन पौधों की हरियाली घर में जीवन और उत्साह लाती है। ध्यान रहे कि धन से जुड़ी दिशा यानी उत्तर में कभी कांटेदार पौधे न रखें। वे आर्थिक प्रवाह को बाधित कर सकते हैं।

8. बेडरूम में दर्पण की स्थिति पर ध्यान दें

कई बार बेडरूम में दर्पण ऐसा होता है जिसमें सोता हुआ व्यक्ति दिखता है। वास्तु के अनुसार, यह नकारात्मक माना गया है क्योंकि यह व्यक्ति की ऊर्जा को विभाजित करता है। इससे मेहनत का फल आधा रह जाता है। यदि आपके कमरे में ऐसा दर्पण है तो रात में उसे किसी कपड़े से ढक दें। यह छोटा सा बदलाव धीरे-धीरे आपके मानसिक संतुलन और आर्थिक स्थिरता दोनों में सुधार लाएगा।

9. परिवार में आभार की भावना विकसित करें

धन और समृद्धि केवल वस्तुस्थिति से नहीं, भावना से भी जुड़ी होती है। अगर परिवार में हमेशा शिकायत या तनाव का माहौल रहेगा तो पैसा टिक नहीं पाएगा। महीने में एक दिन परिवार के सभी सदस्य एक साथ भोजन करें और ईश्वर को धन्यवाद कहें। “हमारे घर में जो है, उसके लिए आभारी हैं” — यह भावना मन को संतुलित रखती है और घर की ऊर्जा को स्थायी बनाती है।

निष्कर्ष

पैसा कमाना मुश्किल नहीं है, लेकिन उसे संभालना एक कला है। वास्तुशास्त्र कहता है कि संतुलन धन को बढ़ाता है, मेहनत नहीं। आर्थिक स्थिरता अपने आप आती है, जब घर की दिशा, वस्तु और मन एक साथ काम करते हैं। ऊपर बताए गए दस नियम किसी पुस्तक से नहीं, बल्कि अनुभवों से निकले हैं। जब आप इन्हें अपनाकर देखेंगे, आपको भी फर्क महसूस होगा— घर में शांति, आत्मविश्वास और जेब में सुरक्षा

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